एक्सप्रेसवे को मात दे देंगे #WaterWays !

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दिल्ली से आगरा, आगरा से पटना, पटना से कोलकाता और वो भी पानी के जहाज में! क्या ये मुमकिन है? देश के सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाज रानी मंत्री  नितिन गडकरी की मानें तो ये सब जल्द होने वाला है। गडकरी का दावा है कि जलमार्ग भारत के लिए गेम चेंजर होने वाले हैं। जो सामान कई दिनों तक सड़कों में फंसा रहता है वो कुछ ही समय में जलमार्ग से अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा।

इससे सड़कों में भीड़ भाड़ कम होगी, भाड़ा कम लगेगा, और प्रदूषण में भी कमी आएगी। सरकार की कोशिश है कि नदियों में रास्ते निकाल कर देश में टूरिज्म को भी बढ़ाया जाए।

क्या है सरकार का जल-प्लान ?

  • अभी देश में पांच अंतर्देशीय जलमार्ग हैं। सरकार ने 106 और जलमार्गों की पहचान कर ली है। यानी अब कुल 111 राष्ट्रीय जलमार्ग तैयार करने का प्लान चल रहा है।
  • सरकार देश भर में 2000 पोर्ट यानी बंदरगाह भी बना रही है। जहां जहां बंदरगाह बनेंगे वहां खूब पैसा आएगा और रोजगार भी बढ़ेगा।
  • जलमार्गों को सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए नितिन गडकरी अंफियन बसें लाना चाहते हैं जो सड़क के साथ साथ पानी में भी चल सकती हैं।

पानी के रास्ते कितना पैसा आएगा?

  • भारत में जहाजरानी क्षेत्र में जबर्दस्त संभावनाएं हैं। नितिन गडकरी के मुताबिक जहां दुनिया भर में बंदरगाहों ने नुकसान दर्ज किया, भारतीय बंदरगाहों ने 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और लगभग 6000 करोड़ रुपये का फायदा कमाया।
  • अभी देश में 12 बड़े बंदरगाह हैं और सरकार ऐसे ही 6 और बंदरगाहों के निर्माण की तैयारी में है।
  • समंदर के आसपास के इलाकों के लिए बनाई गयी सागरमाला परियोजना से भारी निवेश आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार सागरमाला औद्योगिक कलस्‍टरों से करीब 8 लाख करोड़ रुपये आएंगे।
  • गडकरी ने बताया कि बड़े जहाजों को डॉक पर आने के लिए भारतीय बंदरगाहों की ड्राफ्ट क्षमता को बढाना आवश्‍यक है, जिससे कि परिवहन क्षमता बढ़ाई जा सके और वाणिज्यिक लागत में कमी लाई जा सके।

 

 

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