ऑक्सीजन जेनरेटर बचाएगा कोरोना के मरीजों की जान, देसी वैज्ञानिकों का चमत्कार, मशीन के बंपर उत्पादन की तैयारी

0
68 views

डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की मदद से जेनरिच मेम्ब्रेन्स नाम की कंपनी ने कोविड-19 के मरीजों के उपचार में काम आने वाले मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेटर इक्विपमेंट को विकसित किया है। नवीन, स्वदेशी हॉलो-फाइबर मेम्ब्रेन प्रौद्योगिकी पर आधारित ये ऑक्सीजन जेनरेटर दबाव में 35 प्रतिशत तक ऑक्सीजन बढ़ाता है।

कैसे काम करता है ऑक्सीजन जेनरेटर ?

इस उपकरण में मेम्ब्रेन कार्ट्रिज, तेल मुक्त कम्प्रेशर, आउटपुट फ्लोमीटर, ह्युमिडिफायर बोतल, नासल कैनुला और ट्यूबिंग व फिटिंग्स शामिल हैं। कम्प्रेस्ड, फिल्टर हवा को मेम्ब्रेन कार्ट्रिज में भरा जाता है, जो भारी दबाव के साथ नाइट्रोजन की तुलना में ऑक्सीजन की प्रचुर मात्रा वाली ऑक्सीजन की पेशकश करता है। मेम्ब्रेन कार्ट्रिज कुल मिलाकर ऑक्सीजन और नाइट्रोजन में अंतर करने में सक्षम है, जो वायरस, बैक्टीरिया और कणयुक्त तत्वों को गुजरने से रोकता है। इस हवा का मेडिकल ज़रूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
कितनी सुरक्षित है ये मशीन?
यह डिवाइस सुरक्षित है, इससे कोई आम इंसान भी चला सकता है। इसमें बेहद कम रखरखाव की जरूरत होती है। यह पोर्टेबल, कॉम्पैक्ट और प्लग-एंड-प्ले (यानी लगाओ और चलाओ) की सुविधा के साथ आती है। यह किसी भी जगह तेजी से भरपूर ऑक्सीजन से युक्त हवा उपलब्ध कराती है।

डीएसटी सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा के मुताबिक  “कोविड-19 सहित विभिन्न मरीजों के लिए चिकित्सा ग्रेड से ऑक्सीजन से समृद्ध हवा की जरूरत होती है, जहां वैश्विक अनुभव से सामने आया है कि लगभग 14 प्रतिशत संक्रमणों को ही श्वसन समर्थन की जरूरत होती है लेकिन 4 प्रतिशत को ही आईसीयू आधारित वेंटिलेटरों की जरूरत होती है। वहीं यह नवाचार श्वसन से जुड़ी पुरानी समस्याओं के साथ ही बाकी जनसंख्या को भी बेहतर सहायता का भरोसा दिलाता है।”

कोविड 19 के प्रमुख लक्षणों में से एक “सांस फूलना” के उपचार के लिए श्वसन संबंधी हस्तक्षेप की आपात जरूरत के साथ ही इस उपकरण को ऐसे मरीजों के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें गहन देखभाल इकाइयों (आईसीयू) से डिस्चार्ज कर दिया गया है। यह डिवाइस क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (सीओपीडी), अस्थमा, इंटर्सटिशियल लंग डिसीज (आईएलडी), समय पूर्व जन्मे बच्चों, सांप काटने जैसी बीमारियों से प्रभावित मरीजों के लिए भी खासी मददगार हो सकती है।

The short URL of the present article is: https://www.sachjano.com/IPmQt