कोविड-19 के खिलाफ ऐसे जंग लड़ रही है भारतीय सेना, 51 अस्पताल हैं तैयार, एयरफोर्स निभा रहा है बड़ी भूमिका

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कोविड-19 की रोकथाम के लिए सैन्य बल चौबीसों घंटे जरुरतमंदो को मेडिकल और लॉजिस्टिक मदद दे रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज (एएफएमएस) ने नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए अपने संसाधनों की तैनाती की है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ‘सशस्त्र बल मुंबई, जैसलमेर, जोधपुर, हिंडन, मानेसर और चेन्नई में 6 क्वारंटाइन सुविधाएं चला रहे हैं। इन केन्द्रों पर 1737 लोगों को रखा गया था और इनमें से 403 लोगों को अनिवार्य प्रक्रिया के बाद वापस भेज दिया गया है। कोविड-19 के 3 पॉजिटिव मामलों – हिंडन से दो और मानेसर से एक – को राष्ट्रीय राजधानी स्थित सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है। इसके अलावा जरुरत पड़ने पर 15 अन्य सुविधाओं को तैयार रखा गया है।’

देशभर में आर्म्ड फोर्सेज के 51 अस्पतालों को कोविड-19 सुविधा केन्द्रों के रुप में तैयार किया जा रहा है। डिफेंस मिनिस्ट्री का कहना है ‘इनमें से कुछ सुविधा केन्द्र कोलकाता, विशाखापत्तनम, कोच्चि, हैदराबाद के निकट डुंडीगल, बेंगलुरु, कानपुर, जैसलमेर, जोरहाट और गोरखपुर में स्थित हैं।’

कोविड-19 जाँच के लिए भी सशस्त्रबल आगे आए हैं। रक्षा मंत्रालय नेंकहा है कि ‘सशस्त्र बालों के अस्पतालों की 5 वायरल जांच प्रयोगशालाओं को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा गया है। इनमें शामिल हैं – सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल), दिल्ली कैंट; वायु सेना कमान अस्पताल, बेंगलुरु;  सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज, पुणे; कमान अस्पताल (केन्द्रीय कमान) लखनऊ और कमान अस्पताल (पूर्वी कमान) उधमपुर। छह अन्य अस्पतालों में कोविड-19 जांच सुविधा जल्द ही शुरु की जाएगी।’

एयर फोर्स भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रक्षा मंत्रालय ने बताया है ‘भारतीय वायु सेना की विशेष उड़ानों ने लोगों को निकालकर गंतव्य तक पहुंचाया और चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की। सी-17 ग्लोबमास्टर-III क्रू सदस्य, मेडिकल टीम और सहयोगी टीम के साथ 15 टन चिकित्सा सामग्री को लेकर चीन गया और वहाँ से 125 भारतीय नागरिकों जिनमें बच्चे भी शामिल थे तथा मित्र देशों के कुछ नागरिकों को लेकर वापस स्वदेश पहुंचा। अपनी दूसरी यात्रा में सी-17 ग्लोबमास्टर-III ईरान गया और वहाँ फंसे 58 भारतीयों को लेकर वापस भारत पहुंचा। इनमें 31 महिलाएं थीं। विमान कोविड-19 जांच के लिए 529 नमूने भी लेकर आया है।’

इसके अलावा सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान ने 6.2 टन दवाईयां मालदीव पहुंचाई हैं। 5 डॉक्टरों, 2 नर्सिंग अधिकारी और 7 पारामेडिक्स की एक सेना चिकित्सा कोर टीम को मालदीव में तैनात किया गया था। इस टीम ने क्षमता निर्माण तथा जांच, ईलाज और क्वारंटाइन सुविधाओं की स्थापना में सहयोग दिया। यह टीम 13 से 21 मार्च, 2020 तक मालदीव में थी।

भारतीय वायुसेना का परिवहन बेड़ा आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है। अब तक लगभग 60 टन सामान देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाए गए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में 28 फिक्स्ड विंग और 21 हेलीकॉप्टर तैयार रखे गए हैं।

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