हिलती हुई उँगलियाँ लिखती हैं और लिखने के बाद हिलती रहती हैं…क्या क्या कह गए डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन..यहां पढ़िए

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डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कद्रदानों में दुनिया के कई जाने माने नेता थे। उनकी प्रतिभा और फलसफे ने माओ जैसे तानाशाह का भी दिल जीत लिया था। ऐसा महान हिन्दुस्तानी अपने जीवन में क्या क्या अनमोल विचार दे गया इसे पढ़ना ज़रूरी है। राधाकृष्णन के मशहूर Quotes-

1.किताबें वह साधन हैं जिनके द्वारा हम भिन्न- भिन्न संस्कृतियों के बीच सेतु का निर्माण कर सकते हैं.

2. इस जीवन में जो कुछ होता है, वह सब कुछ हमारी आँखें नहीं देख पातीं. जीवन केवल भौतिक कारणों तथा प्रभावों की श्रृंखला मात्र नहीं है.

3 हिलती हुई उँगलियाँ लिखती हैं और लिखने के बाद हिलती रहती हैं.

4. हम दुनिया के सामने पराजय की तुलना में अपनी सफलता और अपनी हानि के बजाय लाभ का ज्यादा दिखावा करने के लिए उत्सुक रहते हैं.

5. सच्चे गुरू हमें नई-नई स्थितियों में सोचने में सहायता देते हैं.

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6. सच्चा गुरू भगवद्गीता के कृष्ण की तरह होता है, जो अर्जुन को स्वयं देखने तथा अपनी इच्छानुसार कार्य करने का परामर्श देता है- “यथा इच्छसि तथा कुरू.

7. हिन्दू धर्म के विचार की पद्धतियाँ और महान अंतर्दृष्टियां तथा आधारभूत प्रवृतियाँ हमारे लिए आज भी सार्थक हैं.

8. भारत का ऐतिहासिक प्रभाव शांति की कला के जरिए फैला युद्ध के हथियारों से नहीं नैतिक नेतृत्व से फैला, राजनैतिक प्रभुत्व से नहीं.

9.विश्व के विभिन्न भाग अब अलग-अलग तथा एक-दूसरे से स्वतंत्र होकर बहुत अधिक समय तक विकसित नहीं हो सकते.

10. उपवास करना और जोर-जोर से चिल्ला कर प्रार्थना या कीर्तन करने ही का नाम पूजा नहीं हैं. हृदय का निवेदन ही सच्ची पूजा है.

11. मन की शांति का मूल्य जीवन में बहुत है- संपत्ति एवं स्वास्थ्य से भी अधिक.

12. कष्ट सह कर ही हमें ज्ञान होता है.

13. हमें पक्षियों के सदृश हवा में उड़ना सिखाया जाता है, मछलियों के सदृश पानी में तैरना सिखाया है, परन्तु हम जीवन पर किस तरह रहें यह हम नहीं जानते.

14. जीवन का सबसे बड़ा उपहार एक श्रेष्ठ जीवन का सपना है.

15. ज्ञान हमें शक्ति देता है और प्रेम हमें पूर्णता प्रदान करता है.

16. मृत्यु न अंत है और न ही बाधा, यह तो अधिक से अधिक नए क़दमों का आरंभ है.

17.. शांति आर्थिक या राजनीतिक परिवर्तन से नहीं आती, यह तो मनुष्य के स्वभाव में परिवर्तन से आती है.

18.. शिक्षा का उद्धेश्य एक मुक्त और रचनाधर्मी व्यक्तित्व का निर्माण होना चाहिए जो ऐतिहासिक परिस्तिथियों और प्राकृतिक विपदाओं से संघर्ष कर सके.

19. पुस्तक पढने से हमें एकांत में चिंतन करने की आदत और वास्तविक खुशी मिलती है.

20. एक कवि के धर्म में किसी एक खास सिद्धांत के लिए कोई स्थान नहीं होता.

( Quotes of Dr Sarvapalli Radhakrishnan)

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