1000 रुपए की गन से corona की जांच !

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नौसेना के मुबंई स्थिति डॉकयार्ड ने अपने  प्रवेश द्वारों पर बड़ी संख्या में कर्मियों की स्क्रीनिंग के लिए इन्फ्रारेड तापमान सेंसर गन डिजाइन की है, ताकि सुरक्षा जांच गतिविधियों पर बोझ कम किया जा सके। डॉकयार्ड ने खुद अपने संसाधनों से ये गन तैयार की है और इसकी कीमत 1000 रूपए से भी कम है जो कि बाजार में मिल रही गनों की कीमत से बेहद कम है।

कोविड-19 महामारी ने दुनिया के सबसे मेडिकल इमरजेंसी के हालात पैदा कर दिए हैं। दिन बा दिन बाद रही मरीजों को तादाद ने मेडिकल साइंस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है और ऐसे में भारत जैसे विकासशील देश के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस वक़्त देश के चिकित्सा बुनियादी ढांचे की कड़ी परीक्षा हो रही है।

नौसेना के वेस्टर्न कमान के डॉकयार्ड में हरदिन औसतन  20,000 कर्मी आते हैं। कोरोना संक्रमण के फैलाव की वजह से इन कर्मियों की डॉकयार्ड में दाखिल होने के समय जांच जरूरी हो गई है। संभावित रोगी को छुए बगैर उसकी स्क्रीनिंग का बेहतरीन तरीका है उसके तापमान की जांच।

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कोरोना फैलने के बाद से, गैर-संपर्क वाले थर्मामीटर या इन्फ्रारेड तापमान सेंसर गनों की बाजार में बहुत कमी हो गई है बहुत अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। इनकी कमी को दूर करने और मांग के हिसाब से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए  मुंबई के नौसेनिक डॉकयार्ड ने 0.02 डिग्री सेल्सियस तक के शारीरिक तापमान को सटीकता के साथ नापने में सक्षम गन डिजाइन किया है। यह एक तरह का थर्मामीटर है जो किसी के शारीरिक संपर्क में आए बिना ही उसके शरीर का तापमान जांच लेता है। इसमें एक इन्फ्रारेड सेंसर और एक एलईडी डिस्प्ले लगा हुआ है जो एक माइक्रोकंट्रोलर के साथ जुड़ा हुआ है। यह 9  वोल्टेज वाली बैटरी पर चलता है ।

इस गन की कीमत 1000 रुपये से कम होने की वजह से , ज़रूरत पडने पर डॉकयार्ड में इन्हे बडी संख्या में बनाया जा सकता है। इसके लिए जरुरी संसाधनों को जुटाने का काम चल है।

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