#FactCheck: क्या 30 जून तक लिंग परीक्षण(PNDT) करने की छूट है? इस डरावनी खबर का सच जानो

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चार अप्रैल को स्वस्थ्य मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया। इस आदेश को तेजी से फैलते कोरोना के मद्देनजर जारी किया गया। आदेश में कहा गया था कि 1996 के PC&PNDT रूल्स के कुछ प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगा दी गयी है। इसका मतलब ये निकाला गया कि गर्भवति महिलाओं का टेस्ट कर शिशु के लिंग परीक्षण की छूट मिल गया है। बेटी बचाओ अभियान के लिए इसे एक बहुत बड़ा झटका माना गया।
तो क्या 30 जून तक अल्ट्रासाउंड क्लीनिक्स में लिंग परीक्षण की छूट है? ये खबर वाकई में परेशान करने वाली थी। कुछ बड़े न्यूज़ पोर्टल्स ने भी इस खबर को प्रमुखता के साथ छापा। ‘सच जानो’ की इस टीम ने एक बार फिर इस आदेश को ध्यान से पढ़ा।
आदेश में जिन कानूनों को निलंबित रखने की बात थी वो रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण को लेकर थे। यानी अगर किसी क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन 30 जून तक रीन्यू होना है तो उसे छूट दी गयी है। दूसरा डायगोनिस्टिक सेंटर्स को अगले महीने की 5 तारीख तक क्वार्टरली रिपोर्ट जमा करने के प्रावधान में छूट दी गयी थी। इसमें कहीं ये नहीं लिखा गया था कि लिंग परीक्षण की प्रक्रिया को रोकने वाले प्रवधानों में कोई ढील है। लेकिन सरकारी आदेशों में कई छिपे हुए अर्थ भी निकल जाते हैं। इसलिए हमने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से सम्पर्क किया।
मंत्रालय ने कहा कि “ सारे अल्ट्रा साउंड क्लीनिक, जेनेटिक लेब औऱ जेनेटिक लैब एवं इमेजिंग सेंटर्स के लिए ये आवश्यक है कि वो हर दिन का अपना रिकॉर्ड मेनटेन करें।“ यानी किसी भी क्लीनिक में होने वाले टेस्ट पर 1996 के कानूनी प्रवधान अब भी लागू हैं।सिर्फ रिपोर्ट्स को जमा करना की तारीख 30 जून तक बढ़ी गयी है। मंत्रालय ने साफ कर दिया कि PC&PNDT कानून के पालन में कोई भी ढील नही दी गयी है।
मतलब सरकार के आदेश का गलत मतलब निकाला गया। सरकार के किसी भी आदेश में ये कहीं नहीं कहा गया है कि 30 जून तक लिंग परीक्षण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसलिए ये खबर गलत है। कृपया इस खबर को आगे ना बढ़ाएं औऱ अगर किसी को कोई कन्फ्यूजन हो तो उसके साथ Sachjano.com का ये लेख शेयर कर लें।

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