इनकम टैक्स के जाल में कैसे फंस रहे हैं ब्लैकमनी के मास्टर्स?

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब तक 3,185 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी का पता लगाया है। सूत्रों के मुताबिक, टैक्स अफसरों ने अब तक 677 सर्च, सर्वे और जांच की। इस दौरान 86 करोड़ रुपये की नई करेंसी बरामद की गई। टैक्स चोरी और हवाला के आरोप में इनकम टैक्स विभाग अब तक 3100 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेज चुका है। दरअसल, सरकार ने कालेधन के कुबेरों को पकड़ने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके मुताबिक सभी एजेंसियां मिल कर काम कर रही हैं।

कालेधन की खुफिया सूचना

new-currency-seized-1वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया इकाई यानी FIU पूरी तरह से सक्रिय है। हर छोटे-बड़े संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर FIU की नजर है। किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की गुप्त सूचना तुरंत इनकम टैक्स विभाग को दी जाती है। जिसके बाद इनकम विभाग और दूसरी एजेंसियां तुरंत एक्शन लेती हैं।

जांच एजेंसियों में आपसी तालमेल

revenue-departmentइनकम टैक्स विभाग ब्लैकमनी के मास्टर्स को पकड़ने के लिए सीबीआई और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट यानी ED जैसी एजेंसियों की लगातार मदद ले रही है। इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ज्यादातर वित्तीय गुनाह और हवाला जैसे केस हैंडल कर रही है। सीबीआई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति वाले मामलों को देख रही है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डाइरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT भी पूरी तरह से एक्टिव है। CBDT बैंकों और रिजर्व बैंक से तालमेल कर रही है। सभी जांच एजेंसियों के हेड ऑफिसों से फील्ड ऑफिसरों को सीधे निर्देश दिए जा रहे हैं।

ईमेल पर पोल खोलो, इनाम पाओ

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में एक ईमेल आईडी [email protected] जारी कर लोगों ने ब्लैकमनी वालों के नाम-पता बताने की अपील की। सरकार ने कहा कि कालेधन का पता बताने वालों की सूचना के आधार पर पकड़ी गई रकम में से उन्हें इनाम भी दिया जाएगा।

सरकार के ईमेल आईडी जारी करने के 72 घंटे के भीतर ही 4 हजार से ज्यादा ईमेल सरकार के पास पहुंच गए। जिनमें कालेधन वालों के नाम पते बताए गए हैं। अब इनकम टैक्स और दूसरी एजेंसियां ईमेल में लोगों द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही हैं।

हर संदिग्ध लेनदेन पर नजर

note-500वित्त मंत्रालय ने पहले ही बैंकों को हर संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी देने का निर्देश दिया है। बैंकों से भी इनकम टैक्स विभाग को लगातार संदिग्ध लेन-देन की सूचना मिल रही है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों की पैनी नजर खातों में जमा होने वाली मोटी रकम और नेट बैंकिंग की मदद से होने वाले मनी ट्रांसफर पर भी है। ऐसे में सरकार ने जांच एजेंसियों में ऐसा चुंबक लगाया है, जिससे कालेधन वाले सीधे जांच एजेंसियों की रडार से बच नहीं पाएंगे।

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